
काशीपुर। नारद जी की लीला भी निराली है । श्री गंगे बाबा मंदिर उदासीन आश्रम में चल रहे गणेशोत्सव के अवसर पर बरसाने से आयी टीम द्वारा 9वें दिन की रासलीला में नारद मुनि ने अपनी वाणी से देवताओं में हाहाकार मचा दिया । इंद्रदेव ने शंकर भगवान से बड़ा राज्य लेने का आग्रह नारदजी से किया तो नारद मुनि इंद्रदेव को शंकर जी, ब्रह्मा जी ओर नारायण के खिलाफ भड़का दिया । इसके बाद इंद्रदेव शंकर जी के पास बड़े राज्य की मांग करते हुए शंकर जी को न देने पर धमाका दिया । इसपर शंकर जी ने इंद्रदेव को सबक सिखाने को जल से पुत्र के रूप में जलंधर की उत्पत्ति की ओर इंद्रदेव को बड़ा राज्य लेने के एवज में जलंधर से युद्ध कर ही राज्य की प्राप्ति हो सकती है । तब जलंधर ने इंद्रदेव से युद्ध लड़ने को शंकर से त्रिशूल , ब्रह्मा व नारायण के शस्त्र ले लिए ओर उनको ही उल्टा शक्ति का जलंधर ने इस्तेमाल कर दिया जिससे सभी देवताओं में हाहाकार मच गया । तब नारायण ने अपनी पत्नी लक्ष्मी जी को अपने भाई जलंधर को रक्षाबंधन के लिए भेजा ओर बचन में उसकी मृत्यु के बारे में पूछा कि उसकी मौत कैसे हो सकती है । बताया की उसकी पत्नी का पतिव्रत धर्म जब तक रहेगा तब तक कोई नहीं मार सकता। तब नारायण ने नकली जलंधर बन उसकी पत्नी का पतिव्रत धर्म भंग वध कर दिया, जलंधर की पत्नी ने नारायण को पत्थर बनने का श्राप डे डाला ओर लक्ष्मी जी ने जलंधर की पत्नी को तुलसी लकड़ी बनने का श्राप दे डाला । इस तरह नारायण सालीगिराम ओर जलंधर की पत्नी तुलसी बनी ओर दोनों का विवाह हुआ । 10वें दिन की रासलीला में सुदामा चरित्र का वर्णन किया जायेगा।

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